एक मस्जिद में छिपे नौ पाकिस्तानी नागरिकों को पुलिस ने खाेज निकाला है। ये सभी दिल्ली निजामुद्दीन जमात में शामिल होने के बाद धर्म प्रचार के लिए निकले थे। इन नौ पाकिस्तानी नागरिकों के साथ आगरा के रहने वाले दस लोगों को भी पुलिस ने इसी मस्जिद से हिरासत में लिया है। इन सभी को 14 दिन क्वारंटाइन के लिए कैंप में भेज दिया है।
इन पाकिस्तानी नागरिकों को भारत-नेपाल सीमा के पास मोरंग के सुनसरी नगर पालिका में आने वाली एक मस्जिद से नेपाल पुलिस ने हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने इन लोगों से पूछताछ के बाद बताया कि नौ पाकिस्तानी इस्लाम के धर्म प्रचार के लिए नेपाल आए थे। इनका साथ आगरा के दस लोगों ने दिया। सभी 19 लोग मस्जिद में छुपे थे। इन 19 लोगों को बिना पुलिस की जानकारी के मस्जिद में पनाह देने के आरोप में एक स्थानीय युवक को भी हिरासत में लिया गया है।
नेपाल के पुलिस डीएसपी सागर थापा ने बताया कि पाकिस्तानी नागरिक जिहाद ,साहिद, स्लैम, खान, अली ,मोस्टर, उल्लाह खान, इम्तियाज, जामिन के साथ दस भारतीय नागरिक आगरा के रहने वाले हैं। सभी को हिरासत में लेकर 14 दिनों के लिए क्वारंटीन किया गया है। पूछताछ में लोगों ने बताया कि इस्लाम धर्म के प्रचार के लिए नेपाल आए थे। लॉकडाउन होने के बाद वह निकल नहीं सके। लेकिन इनके जमात में शामिल होने के संदेह को देखते हुए इन्हें क्वारंटीन किया गया है।
नेपाल में 256 पाकिस्तानी लापता
नेपाल में आने के बाद करीब 256 पाकिस्तानी नागरिक लापता हो गए हैं। नेपाल पुलिस इनकी तलाश कर रही है, लेकिन उनका कोई लोकेशन नहीं मिल रहा है। नेपाल पुलिस के मुताबिक यह लोग नेपाल में धर्म के प्रचार व टूरिस्ट वीजा लेकर नेपाल घूमने आए थे।